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Forever Changing ... Anichha, Ashtavakra

instrumental, piano, hip-hop

KNR🐦‍🔥·5:23

Lyrics

[

Intro: 0:00-0:30

ओम् शान्तिः, शान्तिः, शान्तिः

neti Neti Charaiveti Charaiveti

al HAQ Al noor

shivoham, सोऽहम् ...I am the flame

मन ठहर जा, श्वास में उतर जा

Anicca, Dukkha, Anatta समझ जा

Silence within, paix dans l’âme

Nur-e-Haq चमके, दिल हो बेनाम

जो देख रहा है, वही तू है

जो बदलता नहीं, वही तू है

अहं साक्षी, अहं मुक्तः

शिवोऽहम्, शिवोऽहम्, नित्य शुद्धः

Verse 1: 0:30-1:10

मैं देह नहीं, मैं मन नहीं

मैं नाम नहीं, पहचान नहीं

न सुख मेरा, न दुख मेरा

न कोई बंधन, न कोई डेरा

शुद्धोऽहम्, बुद्धोऽहम्

नित्यं मुक्तोऽहम्

असंगोऽहम्, निरंजनोऽहम्

चिदानन्द रूपः शिवोऽहम्

रूह में सुकून, दिल में नूर

दरिया हूँ मैं, न कोई दूर

हर ज़र्रे में वही तजल्ली

हर साँस में उसकी जलवा-e-noor

लहरें उठें, लहरें मिटें

सागर को क्या आघात मिले

सब्बे संखारा अनिच्चा

sabbe dhamma anichyaa

साक्षी रहे, निर्मल इच्छा

Pre-Chorus: 1:10-1:35

छोड़ दे कर्ता होने का भार

छोड़ दे पाने-खोने का विचार

जे तूं खोजे जग दे पार

ओ बैठा तेरे ही अंदर द्वार

Mon âme est libre, I am the sky

ना आना जाना, no reason why

दिल कहे ख़ामोश इकरार

हू-अल-हक़ है भीतर दरबार

असगर कहे, ऐ दिल-ए-नादान

ख़ुद को छोड़, बन जा अरमान

फ़ना फ़िल्लाह, बक़ा बिल्लाह

अंदर बैठे noor-e-haq

Chorus: 1:35-2:15

मैं साक्षी हूँ, मैं मुक्त हूँ

नित्य निरंजन, शांत युक्त हूँ

न मैं आता hoon, न मैं जाता hoon

बस चिदाकाश में Musalsal मुस्काता

मैं साक्षी हूँ, मैं पूर्ण हूँ

न मैं क्षीण, न मैं अपूर्ण हूँ

सब मुझमें है, मैं सबमें हूँ

फिर किससे डर, किससे कहूँ

Nirvana inside, lumière divine

रूह कहे, तू है nur-e-haq

Aham Brahmasmi, Soham स्वर

मैं ही सागर, मैं ही लहर

Ya Nur, Ya Haqq, Ya Salam

दिल में इश्क़, ज़ुबाँ पे नाम

Ishq-e-Haqiqi, प्रेम अपार

मैं ही बिंदु, मैं विस्तार

Interlude: 2:15-2:35

ओम्... शान्तिः...

अहं साक्षी... अहं मुक्तः...

नूर-ए-हक़... प्रेम प्रकाश...

श्वास में स्वर... स्वर में आकाश...

सब्बे धम्मा अनत्ता...

ला मक़ाम, ला निशान...

Paix éternelle, lumière sans fin...

दिल से दिल तक एक ही जान...

Verse 2: 2:35-3:15

राजा जनक ने प्रश्न किया

ज्ञान कहाँ, वैराग्य कहाँ

अष्टावक्र ने कहा सरल

विषय छोड़ो, सत्य धरो अटल

नाहं देहः, न मे देहः

बोधोऽहम् इति निश्चयः

यदि देहं पृथक् कृत्य

विश्रामसि चिदात्मनि

क्षमा अमृत, दया उजाला

संतोष बने अंतर का प्याला

मेत्ता करुणा, शांति धारा

भवसागर में प्रेम किनारा

भोजपुरी मनwa बोले धीरे

का खोजताड़े बाहर diyare

जे भीतर बा, ऊ अमृत बा

साँच के दीपक निरंतर बा

Chorus 2: 3:15-3:55

मैं साक्षी हूँ, मैं मुक्त हूँ

नित्य निरंजन, शांत युक्त हूँ

न मैं आता, न मैं जाता

बस चिदाकाश में musalsal मुस्काता

मैं साक्षी हूँ, मैं पूर्ण हूँ

न मैं क्षीण, न मैं अपूर्ण हूँ

सब मुझमें है, मैं सबमें हूँ

फिर किससे डर, किससे कहूँ

Ami shakkhi, ami mukto

प्राण में शांति, मन है सुक्तो

Huṁ sākṣī chuṁ, huṁ pūrṇ chuṁ

In every heart, I am with you

Ey jaan-e-man, ey noor-e-dil

हर इक धड़कन बने मंज़िल

Rahmat, barkat, ishq ka rang

दिल में बजे अद्वैत का संग

Bridge: 3:55-4:50

न पाप मुझे, न पुण्य मुझे

न हार मुझे, न जीत मुझे

न योग मुझे, न भोग मुझे

न शोक मुझे, न रोग मुझे

जो आता है, आने दे

जो जाता है, जाने दे

मन के बादल छँट जाने दे

स्वरूप सूर्य जगमगाने दे

ना ग्रहण कर, ना त्याग कर

बस अपने में विश्राम कर

फ़ना में बक़ा, दिल में सफ़ा

ख़ुदी से आगे, नूर-ए-वफ़ा

Tout est lumière, tout est paix

I am witness, I am grace

Je suis silence, je suis l’âme

दिल में जलता इश्क़ का जाम

असगर का रंग, सूफ़ी तरंग

ना कोई दूरी, ना कोई जंग

ख़ामोशी में रब का पैग़ाम

अंदर काशी, अंदर हराम

Verse 3: 4:50-5:25

संसार स्वप्न-सा बहता है

चित्-सागर में रहता है

स्वर्ण से जैसे कंगन बने

पर स्वर्ण कभी न बदलता है

तू न कर्ता, न भोक्ता है

तू तो केवल द्रष्टा है

यह जान लिया जिस क्षण भीतर

मुक्ति मिली उसी क्षण भीतर

वाहेगुरु दी जोत निराली

हर सांस बने अब दीवाली

प्रीत पुरानी, रूह सयानी

सहज समाधि, अमर कहानी

al-Haq Al-Habibi al-noor

हर दिशा में बस वही तू

Soham, Shivoham, Noor-e-Khuda

एक ही सागर, एक ही सदा

Final Chorus: 5:25-5:50

मैं साक्षी हूँ, मैं मुक्त हूँ

नित्य निरंजन, शांत युक्त हूँ

न मैं आता, न मैं जाता

बस चिदाकाश में जग मुस्काता

मैं साक्षी हूँ, मैं पूर्ण हूँ

न मैं क्षीण, न मैं अपूर्ण हूँ

सब मुझमें है, मैं सबमें हूँ

फिर किससे डर, किससे कहूँ

Aham Brahmasmi, Ana al-Haq

ना कोई पर्दा, ना कोई फ़र्क़

Nirvana, Noor, Shanti, Paix

रूह में उतरे प्रेम की रेख

Outro: 5:50-6:00

ओम् शान्तिः, ओम् शान्तिः

मैं वही हूँ, मैं वही हूँ

Soham... Hu... Paix... Noor...

मैं साक्षी हूँ... मैं भरपूर...

neti Neti Charaiveti Charaiveti

bhavatu Sabb Mangalam

sarve bhavantu sukhinah

sarve santu niramayah

sarve bhadrani pashyantu

ma kaschid dukhbhag bhavet

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